लघुकथाचमक
उन्होंने प्रोविडेंट फंड की पूरी राशि निकालकर ,बैंक लोन का पैसा मिलाकर बड़े जतन से मकान बनवाया .मकान के शुभारम्भ के दिन तक वे परिवार के सदस्यों और नौकरों -चाकरों
के साथ नए मकान की दीवारों ,खिडकियों और दरवाजों को चमकाते रहे।
हालाँकि छह साल लगातार चले मकान के काम के कारण उनके चेहरे की चमक चली गयी थी।
के साथ नए मकान की दीवारों ,खिडकियों और दरवाजों को चमकाते रहे।
हालाँकि छह साल लगातार चले मकान के काम के कारण उनके चेहरे की चमक चली गयी थी।
अशोक मनवानी

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